
धार्मिक संगठनों की मांग पर पदमकुंड के अस्तित्व को बचाने के लिए इस वर्ष मूर्ति विसर्जन के लिए तीन नवीन कुंड बनाए गए हैं।
झिलोध्यान में मूर्ति विसर्जन के लिए बन रहा है नवीन कुंड।
खंडवा। दादाजी की नगरी खंडवा में महाभारत काल के चार कुंड चारों दिशाओं में स्थापित है जिसका अपना एक ऐतिहासिक महत्व है। पश्चिम क्षेत्र में इंदौर रोड झिलोध्यान के पास प्राचीन पदम कुंड स्थापित है। पदमकुंड काफी गहरा है और इसमें पानी की अच्छी झीरे हैं जिससे 12 महीने पानी साफ रहता है। लेकिन मूर्तियां विसर्जन के कारण लगातार इसका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। नगर की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगातार पदम कुंड को बचाने को लेकर प्रयास किया जा रहे हैं। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहर पदम कुंड पर मूर्तियों का विसर्जन ना हो और इसे धार्मिक स्थल बनाकर सौन्दर्यीकरण किया जाए इस हेतु विगत दिनों नगर के गणमान्य नागरिकों की पदम कुंड जीणोउद्धार समिति का निर्माण किया गया समिति के पदाधिकारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री श्री लोधी , सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर अमृता अमर यादव विधायक कंचन मुकेश तनवे जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेडे जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता को अनुरोध पत्र देते हुए पदम कुंड पर प्रतिमा विसर्जित ना हो इस हेतु अनुरोध किया गया था समिति के प्रयास सफल हुए और महापौर अमृता अमर यादव जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर वृषभ गुप्ता के द्वारा शहर में मूर्तियों के विसर्जन के लिए आनंद नगर क्षेत्र, रामेश्वर कुंड एवं पदम कुंड के समीप झिलोध्यान में गेट के पास एक नवीन कुंड का निर्माण किया जा रहा है जहां मूर्तियां तीनों तरफ से विसर्जित की जा सकती है जिसकी तैयारी लगातार चल रही है पदम कुंड को बचाने का यह एक अच्छा प्रयास किया गया है। नगर निगम मेयर इन काउंसिल के सदस्य जल प्रभारी अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि पदमकुंड पर मूर्तियां विसर्जित ना हो इस हेतु कई वर्षों से मांग धार्मिक संगठनों द्वारा की जा रही थी। महापौर अमृता अमर यादव एवं प्रियंका राजावत के मार्गदर्शन में नवीन कुंड का कार्य निरंतर जारी हें। इस वर्ष से ही भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं इस नवीन कुंड में विसर्जित की जा सकेंगी।









